आज का चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़िया मुहूर्त में दिन और रात के अलग-अलग समय के शुभ और अशुभ चौघड़िया की जानकारी दी जाती है। आज का चौघड़िया देखकर आप शुभ समय, लाभ, अमृत, चर और अन्य चौघड़िया का समय जान सकते हैं।
✨ आज का चौघड़िया
चौघड़िया मुहूर्त – Choghadiya Muhurat
चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग किसी नये कार्य को शुरु करने से पहले शुभ समय देखने के लिए किया जाता है। मुख्य रूप से चौघड़िया का उपयोग यात्रा के मुहूर्त के लिए किया जाता है लेकिन इसकी सरलता के कारण इसे अन्य मुहूर्त देखने के लिए भी उपयोग किया जाता है।
किसी शुभ कार्य को प्रारम्भ करने के लिए अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघड़ियाओं को उत्तम माना गया है और अन्य तीन चौघड़ियाओं, रोग, काल और उद्वेग, को उत्तम नहीं माना गया है जिन्हें त्याग देना चाहिये।
सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को दिन का चौघड़िया कहा जाता है तथा सूर्यास्त और अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को रात्रि का चौघड़िया कहा जाता है।
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वार वेला, काल वेला एवं काल रात्रि के विषय में
यह माना जाता है कि वार वेला, काल वेला और काल रात्रि के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किये जाने चाहिये। वार वेला एवं काल वेला दिन के समय प्रचलित रहते हैं जबकि काल रात्रि, रात के समय प्रचलित रहती है। ऐसा माना जाता है कि इस समय कोई भी मंगल कार्य करना उत्तम नहीं होता है।
चौघड़िया नाम कैसे पड़ा?
हिन्दु धर्म में, सूर्योदय से सूर्यास्त तथा सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच के समय को 30-30 घड़ी में बाँटा गया है। चौघड़िया मुहूर्त के लिए, उसी 30 घड़ी की समय अवधि को 8 भागों में विभाजित किया गया है। जिसके परिणामस्वरूप दिन और रात के दौरान 8-8 चौघड़िया की मुहूर्त होते है।
चूँकि प्रत्येक चौघड़िया मुहूर्त लगभग 8 घड़ी का होता है, इसलिए इसे चौघड़िया = चौ (चार) + घड़िया (घड़ी) यानी लगभग चार घड़ी या 96 मिनट की अवधि के रूप में जाना जाता है। चौघड़िया मुहूर्त को चतुर्श्तिका मुहूर्त भी कहा जाता है।
चूँकि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हर शहर और हर मौसम में अलग होता है, इसलिए चौघड़िया का समय भी स्थान-विशेष पर निर्भर करता है।
शुभ चौघड़िया तथा राहु काल साथ हो तो क्या करें?
यह बिल्कुल सम्भव है कि शुभ चौघड़िया तथा राहु काल साथ में पड़ जाए । राहु काल को हानिकारक माना जाता है। दक्षिण भारत में, मुहूर्त का चयन करते समय इसपे अत्यधिक बल दिया जाता है। हालाँकि मुहूर्त के लिए राहु काल का कोई प्रामाणिक पृष्टभूमि नहीं है, लेकिन फिर भी उस शुभ चौघड़िया मुहूर्त को छोड़ना ही बेहतर है जो राहु काल के साथ मिलता हो।
चौघड़िया और राहुकाल में अंतर
| विशेषता | चौघड़िया | राहुकाल |
|---|---|---|
| अवधि | पूरे दिन के 16 समय-खंड | प्रतिदिन 1 विशेष समय (~90 मिनट) |
| प्रकृति | शुभ, अशुभ और मध्यम का मिश्रण | केवल अशुभ (वर्जित समय) |
| मुख्य उपयोग | नया कार्य शुरू करने का अविलंब मुहूर्त | शुभ कार्य से बचने का समय |
क्या करें यदि वार वेला, काल वेला और रात्रि वेला शुभ चौघड़िया के साथ आते हैं?
यह बिल्कुल सम्भव है कि शुभ चौघड़िया वार वेला, काल वेला और काल रात्रि के साथ मिलता हो। चौघड़िया मुहूर्त का चयन करते समय, वार वेला, काल वेला और काल रात्रि के समय को छोड़ देना ही उत्तम माना जाता हैं।
ऐसा माना जाता है कि वार वेला, काल वेला और काल रात्रि के दौरान किए गए सभी मांगलिक कार्य फलदायी नहीं होते हैं और मनचाहा परिणाम नहीं देते हैं।
शुभ या अशुभ चौघड़िया कैसे पहचाने
प्रत्येक दिन का पहला मुहूर्त उस दिन के ग्रह स्वामी द्वारा संचालित होता है। उदाहरण के लिए, रविवार का, पहला चौघड़िया मुहूर्त सूर्य द्वारा संचालित होता है। इसके बाद के मुहूर्त क्रमशः शुक्र, बुध, चन्द्रमा, शनि, बृहस्पति तथा मंगल द्वारा संचालित होते हैं। दिन का अन्तिम मुहूर्त भी उस दिन के ग्रह स्वामी द्वारा संचालित होता है।
इसलिए प्रत्येक चौघड़िया मुहूर्त का शुभ या अशुभ प्रभाव, स्वामी ग्रह की प्रकृति के आधार पर पहचान किया जाता है। वैदिक ज्योतिष में, शुक्र, बुध, चन्द्रमा और बृहस्पति के प्रभाव की समय अवधि को आमतौर पर शुभ माना जाता है। जबकि सूर्य, मंगल और शनि के प्रभाव की समय अवधि को आमतौर पर अशुभ माना जाता है। इन जानकारी के आधार पर, हम हर एक चौघड़िया मुहूर्त को शुभ या अशुभ के रूप में पहचान कर सकते हैं। यहाँ यह भी ध्यान दे कि अशुभ चौघड़िया मुहूर्त भी कुछेक कामों के लिए उचित हो सकता हैं।
सात प्रकार के चौघड़िया मुहूर्त
उद्वेग चौघड़िया
ज्योतिष में, सूर्य को एक अहितकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर अशुभ माना जाता है और उद्वेग के रूप में दर्शाया जाता है। हालाँकि, सरकारी कार्यों के लिए, उद्वेग चौघड़िया को अच्छा माना जाता है।
चर चौघड़िया
ज्योतिष में, शुक्र को एक लाभकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर शुभ माना जाता है और चर या चन्चल के रूप में दर्शाया जाता है। शुक्र की चर प्रकृति के कारण, चर चौघड़िया को यात्रा उद्देश्य के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
लाभ चौघड़िया
ज्योतिष में, बुध को एक लाभकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर शुभ माना जाता है और लाभ के रूप में दर्शाया जाता है। लाभ चौघड़िया को शिक्षा शुरू करने तथा नया कौशल प्राप्त करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
अमृत चौघड़िया
वैदिक ज्योतिष में, चन्द्रमा को एक लाभकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर शुभ माना जाता है और अमृत के रूप में दर्शाया जाता है। अमृत चौघड़िया को सभी प्रकार के कार्यों के लिए अच्छा माना गया है।
काल चौघड़िया
ज्योतिष में शनि को एक आशुभकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर अशुभ माना जाता है और काल के रूप में दर्शाया जाता है। काल चौघड़िया के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाना चाहिए । हालाँकि, धन प्राप्ति हेतु की जाने वाली गतिविधियों के लिए काल चौघड़िया उपयुक्त माना जाता है।
शुभ चौघड़िया
ज्योतिष में, बृहस्पति को एक लाभकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर शुभ माना जाता है और शुभ के रूप में दर्शाया जाता है। शुभ चौघड़िया को विशेष रूप से विवाह समारोह आयोजित आदि जैसे शुभ कार्य करने के लिए उत्तम माना जाता है।
रोग चौघड़िया
ज्योतिष में, मंगल को एक आशुभकारी ग्रह माना गया है। इसलिए इसका प्रभाव आमतौर पर अशुभ माना जाता है और रोग के रूप में दर्शाया जाता है। रोग चौघड़िया के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है। हालाँकि, युद्ध और दुश्मन को हराने के लिए रोग चौघड़िया की सुझाव दिया जाता हैं ।
चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग कब करें?
किन कार्यों के लिए शुभ चौघड़िया चुनें?
- ✅ विवाह, सगाई, मुंडन, गृह-प्रवेश
- ✅ नया व्यवसाय, दुकान खोलना, साझेदारी
- ✅ नौकरी के लिए इंटरव्यू, नई परियोजना की शुरुआत
- ✅ यात्रा, खरीद-बिक्री, निवेश
- ✅ पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान
अशुभ चौघड़िया में क्या करें?
- ❌ कोई नया कार्य आरंभ न करें
- ❌ महत्वपूर्ण निर्णय न लें
- ❌ धन-निवेश या बड़ी खरीदारी न करें
- ✅ केवल नियमित, जारी कार्य करें
यदि आप पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और धार्मिक जानकारी नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी समय-समय पर प्रकाशित होने वाले लेख भी अवश्य देखें। इस जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चौघड़िया मुहूर्त क्या है?
वैदिक ज्योतिष की एक बहुत पुरानी और सरल प्रणाली चौघड़िया है, जो पूरे दिन और रात को छोटे-छोटे समय के हिस्सों में बाँटती है। हर हिस्से पर एक ग्रह का राज होता है, जिससे वह ग्रह के अनुसार शुभ, अशुभ या मध्यम समय हो जाता है।
1 दिन में कितने चौघड़िया होते हैं?
एक पूरे दिन और रात में कुल 16 चौघड़ियाँ होती हैं। इनमें से दिन की 8 चौघड़ियाँ और रात की 8 चौघड़ियाँ मुहूर्त होती हैं। हर चौघड़िया लगभग डेढ़ घंटे यानि की 96 मिनट की होती है।
सबसे शुभ चौघड़िया मुहूर्त कौन सा है?
सबसे शुभ चौघड़िया अमृत है। यह हर तरह के महत्वपूर्ण काम जैसे शादी, नया काम, यात्रा आदि के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है।
चौघड़िया मुहूर्त कैसे निकाला जाता है?
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय देखें फिर दिन और रात दोनों के समय को 8- 8 बराबर भागों में बाँटने पर दिन की 8 चौघड़ियाँ और रात की 8 चौघड़ियाँ मुहूर्त निकलता है।
